
राजभाषा प्रोत्साहन पुरस्कार कैसे प्राप्त करें? नियम और प्रक्रिया
भारत सरकार के कार्यालयों, मंत्रालयों, राष्ट्रीयकृत बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में राजभाषा हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा विभिन्न ‘राजभाषा प्रोत्साहन पुरस्कार योजनाएं’ (Rajbhasha Incentive Schemes) चलाई जाती हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य दंडात्मक नीति अपनाने के बजाय कर्मचारियों को प्रोत्साहित करके स्वेच्छा से हिंदी में काम करने के लिए प्रेरित करना है।
यदि आप एक सरकारी कर्मचारी हैं और जानना चाहते हैं कि इस योजना के अंतर्गत नकद पुरस्कार (Cash Award) कैसे प्राप्त किया जाए, तो यह लेख आपके लिए अत्यंत उपयोगी है। इस विस्तृत मार्गदर्शिका में हम प्रोत्साहन पुरस्कारों के प्रकार, पात्रता मानदंड, आवेदन की प्रक्रिया, पुरस्कार राशि और इसे आसानी से याद रखने की ट्रिक्स पर चर्चा करेंगे।
विषय सूची (Table of Contents)
1. राजभाषा प्रोत्साहन योजना का परिचय और उद्देश्य
2. संवैधानिक प्रावधान एवं सरकारी नियम (Legal Rules)
3. विभिन्न व्यक्तिगत प्रोत्साहन योजनाएं (Types of Schemes)
4. पुरस्कार राशि का विवरण (Incentive Amounts Table)
5. आवेदन और चयन की प्रक्रिया (Step-by-Step Process)
6. पुरस्कारों के नियम याद रखने की शॉर्ट ट्रिक (Memory Trick)
7. निष्कर्ष (Conclusion)
8. राजभाषा प्रोत्साहन पुरस्कार से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
1. राजभाषा प्रोत्साहन योजना का परिचय और उद्देश्य
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए दैनिक सरकारी कार्यों में हिंदी का उपयोग करने पर नकद प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। अक्सर कर्मचारियों में यह संशय रहता है कि क्या वे इसके पात्र हैं या नहीं। वास्तव में, यह योजना उन सभी कर्मचारियों के लिए खुली है जो फाइलों पर टिप्पण (Noting) और आलेखन (Drafting) करते हैं।
इस योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:
* प्रोत्साहन: कर्मचारियों को नियमित रूप से सरकारी फाइलों में हिंदी लिखने की आदत डालना।
* सकारात्मक वातावरण: कार्यालयों में बिना किसी दबाव के राजभाषा के अनुकूल माहौल बनाना।
* दक्षता वृद्धि: कर्मचारियों की हिंदी कार्यकुशलता में सुधार करना।
2. संवैधानिक प्रावधान एवं सरकारी नियम (Legal Rules)
राजभाषा प्रोत्साहन योजनाओं का मूल आधार राष्ट्रपति के विभिन्न आदेशों और राजभाषा अधिनियम, 1963 में निहित है।
राष्ट्रपति का आदेश (1960):
*”प्रशासन में हिंदी को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रोत्साहन और पुरस्कार की योजनाओं को लागू किया जाए, ताकि कर्मचारी स्वेच्छा से हिंदी का प्रयोग करने के लिए आकर्षित हों।”*
इसी निर्देश के अनुपालन में राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय समय-समय पर पुरस्कारों की राशि और पात्रता नियमों के संबंध में कार्यालय ज्ञाप (Office Memorandum) जारी करता रहता है।
3. विभिन्न व्यक्तिगत प्रोत्साहन योजनाएं (Types of Schemes)
कार्यालयीन स्तर पर मुख्य रूप से तीन प्रोत्साहन योजनाएं संचालित की जाती हैं:
क. मूल टिप्पण/आलेखन प्रोत्साहन योजना (Noting and Drafting Scheme)
यह सबसे लोकप्रिय योजना है। इसके अंतर्गत वर्ष भर में फाइलों पर न्यूनतम शब्द सीमा में हिंदी में काम करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाता है।
* क और ख क्षेत्र (Region A & B): न्यूनतम 20,000 शब्द प्रतिवर्ष हिंदी में लिखना अनिवार्य है।
* ग क्षेत्र (Region C): न्यूनतम 10,000 शब्द प्रतिवर्ष हिंदी में लिखना अनिवार्य है।
ख. हिंदी टाइपिंग और आशुलिपि प्रोत्साहन योजना (Typing & Stenography Scheme)
यह योजना उन आशुलिपिकों (Stenographers) और डेटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए है जो अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी टाइपिंग/आशुलिपि का कार्य भी करते हैं।
* इसके अंतर्गत द्विभाषी कार्य करने पर कर्मचारियों को प्रति माह एक निश्चित विशेष भत्ता (Special Allowance) या एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
ग. हिंदी डिक्टेशन योजना (Dictation Scheme)
यह योजना अधिकारियों (Officers) के लिए है। जो अधिकारी वर्ष में कम से कम 20,000 शब्द (क और ख क्षेत्र) या 10,000 शब्द (ग क्षेत्र) हिंदी में डिक्टेशन (श्रुतलेखन) देते हैं, उन्हें इस योजना के तहत नकद पुरस्कार दिया जाता है।
यदि आप आशुलिपिक या टाइपिस्ट हैं, तो आप टिप्पण-आलेखन योजना और टाइपिंग प्रोत्साहन योजना दोनों का लाभ एक साथ उठा सकते हैं, बशर्ते आप दोनों के मानदंडों को पूरा करते हों।
4. पुरस्कार राशि का विवरण (Incentive Amounts Table)
विभिन्न श्रेणियों के तहत दी जाने वाली नकद प्रोत्साहन राशि निम्नलिखित है (संशोधित नियमानुसार):
| पुरस्कार श्रेणी | पुरस्कारों की संख्या | नकद राशि (प्रति पुरस्कार) | पात्रता (शब्द सीमा) |
| :— | :— | :— | :— |
| प्रथम पुरस्कार | 2 पुरस्कार | ₹ 5,000/- | क/ख क्षेत्र: 20K शब्द, ग क्षेत्र: 10K शब्द |
| द्वितीय पुरस्कार | 3 पुरस्कार | ₹ 3,000/- | क/ख क्षेत्र: 20K शब्द, ग क्षेत्र: 10K शब्द |
| तृतीय पुरस्कार | 5 पुरस्कार | ₹ 2,000/- | क/ख क्षेत्र: 20K शब्द, ग क्षेत्र: 10K शब्द |
*(नोट: यह पुरस्कार राशि गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के मानकों के अनुसार है। कुछ बैंक और पीएसयू अपने आंतरिक नियमों के आधार पर इससे भी अधिक पुरस्कार राशि प्रदान करते हैं।)*
5. आवेदन और चयन की प्रक्रिया (Step-by-Step Process)
राजभाषा प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करना आवश्यक है:
1. दैनिक रिकॉर्ड रखना (Daily Diary): कर्मचारियों को अपनी एक डायरी या रजिस्टर बनाना चाहिए, जिसमें वे प्रतिदिन फाइलों पर लिखे गए हिंदी शब्दों की संख्या और फाइल संख्या का विवरण दर्ज करें।
2. सत्यापन (Verification): वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर (31 मार्च को), इस डायरी का सत्यापन अपने अनुभाग अधिकारी (Section Officer) या विभागाध्यक्ष से करवाएं।
3. आवेदन जमा करना: राजभाषा अनुभाग द्वारा जारी परिपत्र के जवाब में सत्यापित डायरी के साथ निर्धारित आवेदन प्रारूप को भरकर राजभाषा विभाग/अधिकारी के पास जमा करें।
4. मूल्यांकन समिति का गठन (Evaluation Committee): कार्यालय प्रमुख द्वारा गठित मूल्यांकन समिति आवेदनों और डायरियों की जांच करती है।
5. पुरस्कार की घोषणा और वितरण: मूल्यांकन समिति की सिफारिशों के आधार पर चयनित उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जाती है और उन्हें हिंदी दिवस (14 सितंबर) या राजभाषा समारोह के दौरान नकद राशि और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाता है।
6. पुरस्कारों के नियम याद रखने की शॉर्ट ट्रिक (Memory Trick)
पुरस्कारों की संख्या और पात्रता शर्तों को आसानी से याद रखने के लिए इस काव्यात्मक सूत्र और तालिका सूत्र “20-10 का फेर, 2-3-5 का ढेर” को याद रखें:
“क-ख में लिखो ‘बीस हजार’, ग में ‘दस’ से बेड़ा पार।
प्रथम पुरस्कार दो मिलेंगे, द्वितीय तीन पर खिलेंगे।
तृतीय पुरस्कार पांच हैं भाई, राजभाषा ने धूम मचाई!”
शॉर्ट ट्रिक विश्लेषण (Mnemonic Analysis):
* 20-10: क और ख क्षेत्र के लिए 20,000 शब्द; ग क्षेत्र के लिए 10,000 शब्द।
* 2-3-5: प्रथम पुरस्कारों की संख्या = 2, द्वितीय पुरस्कारों की संख्या = 3, तृतीय पुरस्कारों की संख्या = 5।
* 5-3-2: प्रथम पुरस्कार राशि = ₹5000, द्वितीय पुरस्कार = ₹3000, तृतीय पुरस्कार = ₹2000।
7. निष्कर्ष (Conclusion)
राजभाषा प्रोत्साहन पुरस्कार न केवल कर्मचारियों को आर्थिक लाभ प्रदान करते हैं, बल्कि सरकारी सेवा में उनके योगदान को भी रेखांकित करते हैं। अपनी दैनिक दिनचर्या में थोड़ा सा बदलाव करके और फाइलों पर हिंदी में टिप्पणियां लिखकर कोई भी कर्मचारी आसानी से इस पुरस्कार का हकदार बन सकता है। इससे आपकी राजभाषा फाइल का रिकॉर्ड भी सुदृढ़ होता है और कार्यालय का मान भी बढ़ता है।
8. राजभाषा प्रोत्साहन पुरस्कार से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
Q1. क्या कोई भी केंद्रीय सरकारी कर्मचारी इस योजना में भाग ले सकता है?
हाँ, केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों, संबद्ध कार्यालयों, स्वायत्त निकायों, राष्ट्रीयकृत बैंकों और पीएसयू के सभी नियमित कर्मचारी और अधिकारी इस योजना में भाग लेने के पात्र हैं।
Q2. क्या राजभाषा विभाग (Rajbhasha Staff) के कर्मचारी इस योजना के पात्र हैं?
नहीं, राजभाषा अधिकारी, अनुवादक (Translators) और राजभाषा अनुभाग के अन्य कर्मचारी इस योजना के पात्र नहीं होते हैं, क्योंकि हिंदी में कार्य करना उनका मूल दायित्व है।
Q3. क, ख और ग क्षेत्रों के लिए शब्द सीमा क्या है?
क और ख क्षेत्रों (जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र आदि) के लिए न्यूनतम 20,000 शब्द प्रतिवर्ष तथा ग क्षेत्र (जैसे दक्षिण भारतीय राज्य, पश्चिम बंगाल आदि) के लिए न्यूनतम 10,000 शब्द प्रतिवर्ष लिखना अनिवार्य है।
Q4. क्या कंप्यूटर पर की गई हिंदी टाइपिंग भी शब्द गणना में शामिल होती है?
हाँ, फाइलों पर की गई टिप्पणियां, पत्र आलेखन या कंप्यूटर पर हिंदी में किए गए कार्य के शब्द पूरी तरह शामिल किए जाते हैं।
Q5. क्या एक कार्यालय में एक से अधिक प्रथम पुरस्कार दिए जा सकते हैं?
हाँ, योजना के नियमों के अनुसार अधिकतम 2 प्रथम पुरस्कार, 3 द्वितीय पुरस्कार और 5 तृतीय पुरस्कार दिए जा सकते हैं।
Q6. यह पुरस्कार वर्ष में किस दिन वितरित किया जाता है?
आमतौर पर यह पुरस्कार प्रतिवर्ष हिंदी दिवस (14 सितंबर) या सितंबर माह में आयोजित होने वाले राजभाषा पखवाड़े के समापन समारोह के दौरान वितरित किया जाता है।
Q7. क्या अधिकारियों (Officers) और कर्मचारियों (Staff) के लिए अलग-अलग योजनाएं हैं?
हाँ, कर्मचारियों के लिए टिप्पण-आलेखन प्रोत्साहन योजना है, जबकि राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) के लिए हिंदी डिक्टेशन (श्रुतलेखन) प्रोत्साहन योजना है।
Q8. यदि दो कर्मचारियों के शब्द समान हों, तो चयन कैसे होता है?
ऐसी स्थिति में मूल्यांकन समिति कर्मचारी के कार्य की गुणवत्ता, टिप्पणियों की प्रासंगिकता और नियमितता के आधार पर अंतिम निर्णय लेती है।
Q9. प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए डायरी का सत्यापन कौन करता है?
कर्मचारी की दैनिक हिंदी कार्य डायरी का सत्यापन उनके संबंधित अनुभाग अधिकारी (Section Officer) या शाखा प्रभारी (Branch Head) द्वारा किया जाता है।
