
संसदीय राजभाषा समिति के प्रश्नों की तैयारी कैसे करें? (Syllabus & Guide)
भारत सरकार के कार्यालयों, बैंकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और स्वायत्त निकायों में राजभाषा नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा करने वाली सबसे शक्तिशाली संस्था संसदीय राजभाषा समिति (Committee of Parliament on Official Language) है। इस समिति द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण (Inspection) किसी भी विभाग या कार्यालय के लिए अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण होते हैं।
निरीक्षण के दौरान समिति के माननीय सांसद सदस्य कार्यालय के अधिकारियों से राजभाषा नीतियों और उनके व्यावहारिक अनुपालन को लेकर सीधे प्रश्न पूछते हैं। यदि आपकी तैयारी सही नहीं है, तो कार्यालय प्रमुख को प्रतिकूल टिप्पणियों का सामना करना पड़ सकता है। इस लेख में हम संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण की तैयारी, इसके पाठ्यक्रम (Syllabus), पूछे जाने वाले प्रमुख प्रश्नों और तैयारी की सर्वोत्तम चेकलिस्ट के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
विषय सूची (Table of Contents)
1. संसदीय राजभाषा समिति क्या है? संवैधानिक आधार (अनुच्छेद 344)
2. समिति की संरचना और उप-समितियों का वर्गीकरण
3. निरीक्षण प्रश्नावली (Inspection Questionnaire) के मुख्य भाग
4. निरीक्षण में पूछे जाने वाले 5 सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके आदर्श उत्तर
5. राजभाषा अधिकारियों के लिए अंतिम समय की तैयारी चेकलिस्ट (Checklist)
6. समिति की संरचना याद रखने की आसान शॉर्ट ट्रिक
7. निष्कर्ष (Conclusion)
8. संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
1. संसदीय राजभाषा समिति क्या है? संवैधानिक आधार (अनुच्छेद 344)
संसदीय राजभाषा समिति का गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 344(4) के तहत किया गया है। यह कोई सामान्य विभागीय समिति नहीं है, बल्कि एक वैधानिक संसदीय समिति है जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सांसद सदस्य शामिल होते हैं।
संवैधानिक प्रावधान – अनुच्छेद 344(4):
*”एक समिति गठित की जाएगी जो तीस सदस्यों से मिलकर बनेगी जिनमें से बीस लोक सभा के सदस्य होंगे और दस राज्य सभा के सदस्य होंगे जो क्रमशः लोक सभा के सदस्यों और राज्य सभा के सदस्यों द्वारा अनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा निर्वाचित होंगे।”*
समिति का मुख्य कार्य:
समिति का मुख्य कार्य संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए हिंदी के प्रयोग में हुई प्रगति की समीक्षा करना और उस पर राष्ट्रपति को अपनी सिफारिशें सौंपना है। राष्ट्रपति इन सिफारिशों पर विचार करने के बाद मंत्रालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हैं।
2. समिति की संरचना और उप-समितियों का वर्गीकरण
संसदीय राजभाषा समिति में कुल 30 सदस्य होते हैं:
* लोकसभा से: 20 सदस्य
* राज्यसभा से: 10 सदस्य
समिति के अध्यक्ष सामान्यतः केंद्रीय गृह मंत्री होते हैं। कार्य की सुविधा के लिए समिति को तीन उप-समितियों (Sub-Committees) में विभाजित किया गया है, जिनका मंत्रालयों के आधार पर कार्यक्षेत्र तय होता है:
| उप-समिति (Sub-Committee) | मुख्य कार्यक्षेत्र (Jurisdiction / Ministries) |
| :—: | :— |
| पहली उप-समिति (1st) | रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय आदि। |
| दूसरी उप-समिति (2nd) | रेल मंत्रालय, संचार मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय आदि। |
| तीसरी उप-समिति (3rd) | वित्त मंत्रालय (सभी राष्ट्रीयकृत बैंक और एलआईसी), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय आदि। |
बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों का निरीक्षण मुख्य रूप से तीसरी उप-समिति (3rd Sub-Committee) द्वारा किया जाता है। इसलिए बैंक राजभाषा अधिकारियों को इस उप-समिति की प्राथमिकताओं का विशेष ज्ञान होना चाहिए।
3. निरीक्षण प्रश्नावली (Inspection Questionnaire) के मुख्य भाग
समिति के निरीक्षण का आधार राजभाषा निरीक्षण प्रश्नावली (Inspection Questionnaire) होती है, जिसे कार्यालय को निरीक्षण से पहले भरकर समिति सचिवालय को भेजना होता है। इस प्रश्नावली में मुख्य रूप से निम्नलिखित खंड होते हैं:
1. कार्यालय की पृष्ठभूमि: स्थापना वर्ष, कर्मचारी संख्या (राजपत्रित/अराजपत्रित), अधिसूचित होने की स्थिति (नियम 10(4) के तहत)।
2. पत्राचार (Correspondence): पिछले तीन वर्षों में क, ख और ग क्षेत्रों को हिंदी में भेजे गए पत्रों की संख्या और उनका प्रतिशत।
3. धारा 3(3) का अनुपालन: जारी किए गए 14 प्रकार के दस्तावेजों की द्विभाषी स्थिति।
4. राजभाषा कार्यान्वयन समिति (OLIC): बैठकों के आयोजन का विवरण और उनमें लिए गए निर्णयों का क्रियान्वयन।
5. प्रशिक्षण (Training): हिंदी भाषा, हिंदी टाइपिंग और आशुलिपि में प्रशिक्षित कर्मचारियों का प्रतिशत।
6. पुस्तकालय (Library): पुस्तकालय में पुस्तकों की कुल संख्या, उनमें हिंदी पुस्तकों का प्रतिशत और पुस्तक खरीद पर कुल व्यय।
7. कंप्यूटर और आईटी: कार्यालय में उपलब्ध कंप्यूटर, यूनिकोड फॉन्ट का उपयोग, और द्विभाषी वेबसाइट की स्थिति।
4. निरीक्षण में पूछे जाने वाले 5 सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके आदर्श उत्तर
निरीक्षण के दौरान समिति के सदस्यों द्वारा अक्सर निम्नलिखित प्रश्न पूछे जाते हैं। राजभाषा अधिकारियों को इनके स्पष्ट उत्तरों के साथ तैयार रहना चाहिए:
प्रश्न 1: “क्या आपके कार्यालय में धारा 3(3) का अनुपालन 100% है? यदि नहीं, तो क्यों?”
* आदर्श उत्तर: *”जी हाँ, हमारे कार्यालय में धारा 3(3) का अनुपालन शत-प्रतिशत (100%) है। सभी अधिसूचनाएं, सामान्य आदेश, निविदाएं और संविदाएं अनिवार्य रूप से द्विभाषी रूप में जारी की जाती हैं। इसके लिए हमारे कार्यालय प्रमुख द्वारा राजभाषा नियम 6 के तहत सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।”*
प्रश्न 2: “हिंदी में प्राप्त पत्रों का उत्तर हिंदी में देने की क्या स्थिति है?”
* आदर्श उत्तर: *”राजभाषा नियम 5 के अनुपालन में, हमारे कार्यालय में हिंदी में प्राप्त सभी पत्रों का उत्तर 100% हिंदी में ही दिया जाता है। इसके लिए डाक आवक पंजी (Inward Register) में विशेष निगरानी रखी जाती है।”*
प्रश्न 3: “क्या आपका कार्यालय राजभाषा नियम 10(4) के तहत अधिसूचित है?”
* आदर्श उत्तर (यदि हाँ): *”जी हाँ, हमारे कार्यालय के 80% से अधिक कर्मचारियों को हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त हो चुका है, और इसे राजपत्र में दिनांक [तारीख] को अधिसूचित किया जा चुका है।”*
प्रश्न 4: “आपके पुस्तकालय में इस वर्ष हिंदी पुस्तकों की खरीद का बजट क्या रहा?”
* आदर्श उत्तर: *”वार्षिक कार्यक्रम के लक्ष्यों के अनुसार, हमारे कार्यालय में कुल पुस्तक खरीद बजट का 50% से अधिक हिस्सा हिंदी पुस्तकों की खरीद पर व्यय किया गया है। इस तिमाही में हमने [बजट राशि] रुपये की हिंदी पुस्तकें खरीदी हैं।”*
प्रश्न 5: “कार्यालय में कंप्यूटरों पर हिंदी में कार्य करने के लिए क्या व्यवस्था है?”
* आदर्श उत्तर: *”कार्यालय के सभी कंप्यूटरों में यूनिकोड (Unicode) सक्रिय है। कर्मचारियों को हिंदी इनपुट टूल और कीबोर्ड का प्रशिक्षण दिया गया है, और सभी प्रशासनिक कर्मचारी कंप्यूटर पर हिंदी में काम करने में सक्षम हैं।”*
5. राजभाषा अधिकारियों के लिए अंतिम समय की तैयारी चेकलिस्ट (Checklist)
निरीक्षण से एक सप्ताह पहले राजभाषा अधिकारी को निम्नलिखित तैयारियों की जांच कर लेनी चाहिए:
- ✅ प्रश्नावली का मिलान: प्रश्नावली में भरे गए आंकड़े और कार्यालय की फाइलों के आंकड़े बिल्कुल समान होने चाहिए।
- ✅ द्विभाषी नामपट्ट और मोहरें: सभी अधिकारियों के नामपट्ट (Nameplates), रबर की मोहरें (Rubber Stamps) और साइनबोर्ड द्विभाषी होने चाहिए।
- ✅ विभागीय फाइलें: कुछ महत्वपूर्ण फाइलों के नोटिंग (Noting) में हिंदी का प्रयोग दिखना चाहिए।
- ✅ प्रोत्साहन योजनाएं: हिंदी प्रोत्साहन योजनाओं के तहत दिए गए पुरस्कारों का रिकॉर्ड तैयार होना चाहिए।
- ✅ प्रदर्शन पट्ट (Display Boards): कार्यालय के प्रवेश द्वार पर ‘आज का शब्द’ (Today’s Word) या राजभाषा संबंधी नारे लगे होने चाहिए।
6. समिति की संरचना याद रखने की आसान शॉर्ट ट्रिक
परीक्षा में संसदीय राजभाषा समिति से संबंधित तथ्यों को याद रखने के लिए यह शार्ट ट्रिक (Memory Trick) देखें:
- कुल सदस्य 30: (20 लोकसभा + 10 राज्यसभा) – अनुपात हमेशा 2:1 का रहेगा।
- अनुच्छेद 344(4): 3+4+4 = 11 (11 अक्षरों का ‘राजभाषा समिति’ शब्द)।
- तीन उप-समितियां: 1st (रक्षा/गृह), 2nd (रेल/संचार), 3rd (वित्त/बैंक/PSUs).
7. निष्कर्ष
संसदीय राजभाषा समिति का निरीक्षण केवल एक ऑडिट नहीं है, बल्कि यह कार्यालय में हिंदी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन अवसर है। सटीक आंकड़ों, नियमबद्ध फाइलों और जागरूक कर्मचारियों के माध्यम से निरीक्षण को पूरी तरह सफल बनाया जा सकता है। एक कुशल राजभाषा अधिकारी को निरीक्षण प्रश्नावली के प्रत्येक कॉलम की गहन जानकारी होनी चाहिए ताकि वह किसी भी प्रश्न का उत्तर आत्मविश्वास के साथ दे सके।
8. संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
Q1. संसदीय राजभाषा समिति में कुल कितने सदस्य होते हैं?
समिति में कुल 30 सदस्य होते हैं, जिनमें से 20 सदस्य लोकसभा से और 10 सदस्य राज्यसभा से होते हैं।
Q2. संसदीय राजभाषा समिति के अध्यक्ष कौन होते हैं?
समिति के सदस्यों द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री को सामान्यतः इस समिति का अध्यक्ष चुना जाता है।
Q3. समिति का गठन संविधान के किस अनुच्छेद के तहत किया जाता है?
समिति का गठन संविधान के अनुच्छेद 344(4) के तहत किया जाता है।
Q4. बैंक और वित्तीय संस्थानों का निरीक्षण कौन-सी उप-समिति करती है?
बैंकों, वित्तीय संस्थानों और बीमा कंपनियों का निरीक्षण मुख्य रूप से तीसरी उप-समिति (3rd Sub-Committee) करती है।
Q5. क्या निरीक्षण प्रश्नावली केवल हिंदी में भरी जा सकती है?
प्रश्नावली को द्विभाषी रूप (हिंदी और अंग्रेजी दोनों) या केवल हिंदी में भरा जा सकता है। हालांकि, हिंदी में भरना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
Q6. क्या निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के हिंदी ज्ञान का परीक्षण भी होता है?
हाँ, समिति के सदस्य रैंडम रूप से किसी भी कर्मचारी से कंप्यूटर पर हिंदी टाइपिंग या हिंदी फाइल नोटिंग दिखाने के लिए कह सकते हैं।
Q7. पहली उप-समिति के तहत कौन-कौन से मुख्य मंत्रालय आते हैं?
पहली उप-समिति के तहत मुख्य रूप से रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय आते हैं।
Q8. यदि निरीक्षण में कोई गंभीर त्रुटि पाई जाए तो क्या परिणाम होते हैं?
समिति कार्यालय के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी (Adverse Remarks) दर्ज कर सकती है, जिसकी रिपोर्ट सीधे संबंधित मंत्रालय और गृह मंत्रालय को भेजी जाती है।
Q9. निरीक्षण के दौरान ‘राजभाषा नियम 5’ का क्या महत्व है?
राजभाषा नियम 5 के अनुसार हिंदी में प्राप्त पत्रों के उत्तर 100% हिंदी में देना अनिवार्य है। समिति इसके रजिस्टरों और प्रतियों की गहन जांच करती है।
