
राजभाषा विभाग द्वारा जारी नवीनतम वार्षिक कार्यक्रम क्या है? पूरी सूची
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत राजभाषा विभाग (Department of Official Language) प्रतिवर्ष केंद्र सरकार के सभी कार्यालयों, मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), और राष्ट्रीयकृत बैंकों के लिए एक व्यापक लक्ष्य दस्तावेज़ जारी करता है। इसे ‘वार्षिक कार्यक्रम’ (Annual Programme) कहा जाता है।
इस वार्षिक कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि संविधान की राजभाषा नीति और राजभाषा अधिनियम/नियमों के तहत तय किए गए लक्ष्यों को प्रशासनिक स्तर पर कैसे और किस सीमा तक प्राप्त किया जाए। परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों (जैसे SSC अनुवादक, बैंक राजभाषा अधिकारी) और सरकारी कार्यालयों में कार्यरत हिंदी प्रभारियों के लिए वार्षिक कार्यक्रम के लक्ष्यों को कंठस्थ करना अनिवार्य है।
इस विस्तृत लेख में हम नवीनतम वार्षिक कार्यक्रम के मुख्य लक्ष्यों, विभिन्न क्षेत्रों (क, ख, ग) के पत्राचार प्रतिशत, कानूनी आधार, और इसे याद रखने की शानदार शॉर्ट ट्रिक का विश्लेषण करेंगे।
विषय सूची (Table of Contents)
1. वार्षिक कार्यक्रम क्या है और यह क्यों जारी किया जाता है?
2. संवैधानिक एवं कानूनी पृष्ठभूमि (Constitutional & Legal Basis)
3. वार्षिक कार्यक्रम के प्रमुख क्षेत्रवार लक्ष्य (Target Percentages)
4. प्रशासनिक कार्यों के लिए अन्य महत्वपूर्ण लक्ष्य
5. कंप्यूटर, ई-मेल और आईटी उपकरण संबंधी लक्ष्य
6. बैठकें, कार्यशालाएं और निरीक्षण (Inspections & Audits)
7. वार्षिक कार्यक्रम पत्राचार लक्ष्यों को याद रखने की शॉर्ट ट्रिक
8. निष्कर्ष (Conclusion)
9. राजभाषा वार्षिक कार्यक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
1. वार्षिक कार्यक्रम क्या है और यह क्यों जारी किया जाता है?
राजभाषा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष जारी किया जाने वाला वार्षिक कार्यक्रम (Annual Programme) एक प्रकार का रोडमैप (Roadmap) है, जो संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए हिंदी के प्रगामी प्रयोग को दिशा देता है।
चूंकि भारत में भाषाई विविधता है, इसलिए संपूर्ण देश को तीन भौगोलिक क्षेत्रों में बांटा गया है:
* क्षेत्र ‘क’ (Region A): वे राज्य जहाँ की मुख्य भाषा हिंदी है (जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़ और दिल्ली)।
* क्षेत्र ‘ख’ (Region B): वे राज्य जहाँ हिंदी बोली और समझी जाती है, पर स्थानीय भाषा भी मुख्य है (जैसे गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब और चंडीगढ़, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली)।
* क्षेत्र ‘ग’ (Region C): शेष सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (जैसे दक्षिण भारतीय राज्य, पूर्वोत्तर राज्य और पश्चिम बंगाल आदि)।
वार्षिक कार्यक्रम में इन तीनों क्षेत्रों के लिए पत्राचार, फाइलों पर काम, कंप्यूटर उपकरण, प्रशिक्षण आदि के अलग-अलग लक्ष्य (प्रतिशत में) निर्धारित किए जाते हैं।
2. संवैधानिक एवं कानूनी पृष्ठभूमि (Constitutional & Legal Basis)
वार्षिक कार्यक्रम का निर्माण और निर्गमन संसद द्वारा पारित राजभाषा संकल्प, 1968 (Official Languages Resolution, 1968) के उपबंधों के तहत किया जाता है।
संकल्प 1968 के पैरा 1 के अनुसार एक महत्वपूर्ण कानूनी संदर्भ:
*”गृह मंत्रालय द्वारा संघ के विभिन्न शासकीय प्रयोजनों के लिए हिंदी के प्रगामी प्रयोग को गति देने के लिए एक गहन और व्यावहारिक वार्षिक कार्यक्रम तैयार किया जाएगा और उसका कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।”*
वार्षिक कार्यक्रम के लक्ष्यों को प्राप्त न करना राजभाषा नियम, 1976 के नियम 12 का उल्लंघन माना जाता है, जिसके तहत प्रशासनिक प्रधान को राजभाषा नीतियों के अनुपालन का व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराया गया है।
3. वार्षिक कार्यक्रम के प्रमुख क्षेत्रवार लक्ष्य (Target Percentages)
वार्षिक कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण भाग पत्राचार (Correspondence) का लक्ष्य है। विभिन्न क्षेत्रों के बीच होने वाले सरकारी पत्राचार के लिए निम्नलिखित न्यूनतम लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:
क. क्षेत्र ‘क’ (Region A) के कार्यालयों के लिए लक्ष्य:
* क्षेत्र ‘क’ से क्षेत्र ‘क’ को पत्राचार: 100% (अनिवार्य रूप से हिंदी में)
* क्षेत्र ‘क’ से क्षेत्र ‘ख’ को पत्राचार: 90%
* क्षेत्र ‘क’ से क्षेत्र ‘ग’ को पत्राचार: 55%
* फाइलों पर हिंदी में नोटिंग (टिप्पणी) लिखना: 75%
* हिंदी में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिंदी में देना (नियम 5): 100%
ख. क्षेत्र ‘ख’ (Region B) के कार्यालयों के लिए लक्ष्य:
* क्षेत्र ‘ख’ से क्षेत्र ‘क’ को पत्राचार: 90%
* क्षेत्र ‘ख’ से क्षेत्र ‘ख’ को पत्राचार: 90%
* क्षेत्र ‘ख’ से क्षेत्र ‘ग’ को पत्राचार: 55%
* फाइलों पर हिंदी में नोटिंग (टिप्पणी) लिखना: 50%
* हिंदी में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिंदी में देना (नियम 5): 100%
ग. क्षेत्र ‘ग’ (Region C) के कार्यालयों के लिए लक्ष्य:
* क्षेत्र ‘ग’ से क्षेत्र ‘क’, ‘ख’ या ‘ग’ को पत्राचार: 55%
* फाइलों पर हिंदी में नोटिंग (टिप्पणी) लिखना: 30%
* हिंदी में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिंदी में देना (नियम 5): 100%
| पत्राचार की दिशा (Source to Destination) | क्षेत्र ‘क’ के लक्ष्य | क्षेत्र ‘ख’ के लक्ष्य | क्षेत्र ‘ग’ के लक्ष्य |
| :— | :— | :— | :— |
| क्षेत्र ‘क’ को | 100% | 90% | 55% |
| क्षेत्र ‘ख’ को | 90% | 90% | 55% |
| क्षेत्र ‘ग’ को | 55% | 55% | 55% |
| फाइलों पर टिप्पण (Noting) | 75% | 50% | 30% |
4. प्रशासनिक कार्यों के लिए अन्य महत्वपूर्ण लक्ष्य
पत्राचार के अतिरिक्त, कार्यालयीन संरचना और जनसंपर्क के लिए निम्नलिखित लक्ष्य निर्धारित हैं:
क. राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) का अनुपालन
* लक्ष्य: 100%
* सभी सामान्य आदेश, परिपत्र, अधिसूचनाएं, अनुबंध, लाइसेंस, परमिट, निविदाएं, और संसद के समक्ष रखे जाने वाले दस्तावेज अनिवार्य रूप से हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में एक साथ (Bilingual) जारी किए जाने चाहिए।
ख. द्विभाषी कोड और मैनुअल (Bilingual Manuals)
* लक्ष्य: 100%
* कार्यालय के सभी नियम संग्रह, प्रक्रिया संहिताएं (Codes), मैनुअल, फॉर्म और रजिस्टरों के शीर्षक अनिवार्य रूप से द्विभाषी होने चाहिए।
ग. पुस्तकालय के लिए हिंदी पुस्तकें
* लक्ष्य: कुल पुस्तक खरीद बजट का कम से कम 50% हिंदी पुस्तकों की खरीद पर व्यय किया जाना चाहिए (कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में यह लक्ष्य इससे भी अधिक है)।
5. कंप्यूटर, ई-मेल और आईटी उपकरण संबंधी लक्ष्य
डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस के प्रसार के बाद वार्षिक कार्यक्रम में आईटी सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया है:
1. द्विभाषी कंप्यूटर (Bilingual Computers): लक्ष्य 100%। सभी कंप्यूटरों पर यूनिकोड इनेबल्ड सॉफ्टवेयर, हिंदी टाइपिंग टूल और फॉन्ट सक्रिय होने चाहिए।
2. द्विभाषी वेबसाइट: विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पूर्णतः द्विभाषी होनी चाहिए और दोनों संस्करणों में सामग्री एक साथ अपडेट होनी चाहिए।
3. द्विभाषी ई-मेल: यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी सामूहिक ई-मेल (जैसे परिपत्र आदि) भेजता है, तो वह द्विभाषी होना चाहिए।
यदि धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाला कोई दस्तावेज़ केवल अंग्रेजी में जारी किया जाता है, तो उसे गंभीर प्रशासनिक त्रुटि (Procedural lapse) माना जाता है और संबंधित जारीकर्ता अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
6. बैठकें, कार्यशालाएं और निरीक्षण (Inspections & Audits)
वार्षिक कार्यक्रम के लक्ष्यों की प्रगति की निगरानी के लिए निम्नलिखित प्रशासनिक कैलेंडर निर्धारित किया गया है:
* राजभाषा कार्यान्वयन समिति (OLIC) की बैठकें: प्रत्येक कार्यालय में वर्ष में 4 बैठकें (प्रत्येक तिमाही में एक बैठक) आयोजित करना अनिवार्य है।
* हिंदी कार्यशालाएं (Hindi Workshops): हिंदी में काम करने के दौरान आने वाली झिझक दूर करने के लिए प्रति तिमाही कम से कम एक कार्यशाला आयोजित की जानी चाहिए।
* नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (TOLIC) की बैठकें: वर्ष में 2 बैठकें (हर छह महीने में एक) आयोजित की जानी चाहिए।
* कार्यालयों का निरीक्षण: प्रत्येक विभाग के प्रशासनिक प्रधान को अपने कम से कम 25% अधीनस्थ कार्यालयों का प्रतिवर्ष राजभाषा निरीक्षण करना चाहिए।
7. वार्षिक कार्यक्रम पत्राचार लक्ष्यों को याद रखने की शॉर्ट ट्रिक
वार्षिक कार्यक्रम के जटिल प्रतिशत आंकड़ों को याद रखने की एक आसान शॉर्ट ट्रिक निम्नलिखित है:
“क से क में सौ टका, क से ख नब्बे मान,
ख से क/ख भी नब्बे है, रखो इसका ध्यान।
‘ग’ का पत्राचार लक्ष्य, पचपन है भाई,
धारा तीन-तीन सौ टका, कभी भूल न पाई!”
*शॉर्ट ट्रिक का विश्लेषण:*
* क से क = सौ टका (100%): क्षेत्र ‘क’ के कार्यालयों का आपस में पत्राचार लक्ष्य 100% है।
* क से ख = नब्बे (90%): क्षेत्र ‘क’ से क्षेत्र ‘ख’ के लिए पत्राचार लक्ष्य 90% है।
* ख से क/ख = नब्बे (90%): क्षेत्र ‘ख’ से क्षेत्र ‘क’ या ‘ख’ के लिए पत्राचार लक्ष्य 90% है।
* ‘ग’ का लक्ष्य = पचपन (55%): क्षेत्र ‘ग’ से किसी भी क्षेत्र के लिए और अन्य क्षेत्रों से क्षेत्र ‘ग’ के लिए पत्राचार लक्ष्य 55% है।
* धारा 3(3) = सौ टका (100%): धारा 3(3) के दस्तावेजों का द्विभाषीकरण शत-प्रतिशत अनिवार्य है।
8. निष्कर्ष (Conclusion)
राजभाषा विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला वार्षिक कार्यक्रम संघ के कार्यों में हिंदी की प्रगति की धुरी है। यह न केवल लक्ष्य तय करता है बल्कि एक सतत स्व-मूल्यांकन प्रणाली भी प्रदान करता है। इन लक्ष्यों को प्राप्त करके ही भारत सरकार अपने संवैधानिक संकल्पों को धरातल पर उतार सकती है। प्रत्येक सरकारी कार्यालय को अपनी तिमाही बैठकों में इन वार्षिक लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा कर उचित कदम उठाने चाहिए।
9. राजभाषा वार्षिक कार्यक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
Q1. राजभाषा वार्षिक कार्यक्रम कौन जारी करता है?
यह कार्यक्रम भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन राजभाषा विभाग द्वारा जारी किया जाता है।
Q2. वार्षिक कार्यक्रम किस कानूनी संकल्प के तहत जारी किया जाता है?
यह संसद द्वारा स्वीकृत राजभाषा संकल्प, 1968 (Official Languages Resolution, 1968) के निर्देशों के तहत जारी किया जाता है।
Q3. क्षेत्र ‘क’ से क्षेत्र ‘क’ के कार्यालयों को पत्राचार का लक्ष्य कितना है?
क्षेत्र ‘क’ से क्षेत्र ‘क’ के कार्यालयों को पत्राचार का लक्ष्य 100% (पूर्णतः हिंदी में) निर्धारित किया गया है।
Q4. क्षेत्र ‘क’ से क्षेत्र ‘ख’ को पत्राचार का क्या लक्ष्य है?
क्षेत्र ‘क’ से क्षेत्र ‘ख’ के कार्यालयों को पत्राचार का लक्ष्य 90% निर्धारित है।
Q5. किसी भी क्षेत्र से क्षेत्र ‘ग’ को पत्राचार का लक्ष्य कितना प्रतिशत है?
किसी भी क्षेत्र से क्षेत्र ‘ग’ को पत्राचार का लक्ष्य 55% निर्धारित किया गया है।
Q6. राजभाषा विभाग के वार्षिक कार्यक्रम के अनुसार धारा 3(3) के अनुपालन का लक्ष्य क्या है?
धारा 3(3) के अनुपालन का लक्ष्य 100% (अनिवार्य रूप से द्विभाषी) है।
Q7. राजभाषा कार्यान्वयन समिति (OLIC) की बैठकें वर्ष में कितनी बार आयोजित की जानी चाहिए?
कार्यालय स्तर पर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (OLIC) की बैठकें वर्ष में कम से कम 4 बार (प्रति तिमाही एक बैठक) आयोजित की जानी चाहिए।
Q8. नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (TOLIC / नराकास) की बैठकें वर्ष में कितनी बार होनी चाहिए?
नराकास (TOLIC) की बैठकें वर्ष में कम से कम 2 बार (प्रत्येक छह माह में एक बैठक) आयोजित की जानी चाहिए।
Q9. क्षेत्र ‘क’ के कार्यालयों में फाइलों पर टिप्पण (Noting) का क्या लक्ष्य है?
क्षेत्र ‘क’ के कार्यालयों में फाइलों पर हिंदी टिप्पण लिखने का लक्ष्य 75% निर्धारित किया गया है।
Q10. पुस्तकालय के लिए पुस्तकों की खरीद में हिंदी पुस्तकों का बजट लक्ष्य कितना है?
पुस्तकालय के लिए पुस्तकों की कुल खरीद में हिंदी पुस्तकों का बजट लक्ष्य कम से कम 50% होना चाहिए।
