राष्ट्रपति का राजभाषा संबंधी आदेश 1960 क्या है? विस्तृत जानकारी

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राष्ट्रपति का राजभाषा संबंधी आदेश 1960 क्या है?

भारतीय संविधान के लागू होने के पश्चात देश के प्रशासनिक तंत्र में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए कई संवैधानिक और कानूनी प्रयास किए गए। इस दिशा में पहला और सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने वाला शासकीय दस्तावेज ‘राष्ट्रपति का राजभाषा संबंधी आदेश, 1960’ (President’s Official Language Order, 1960) था, जिसे 27 अप्रैल, 1960 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा जारी किया गया था।

यह आदेश कोई सामान्य आदेश नहीं था, बल्कि इसने भारत सरकार के मंत्रालयों और विभागों में हिंदी के प्रगामी प्रयोग (Progressive use of Hindi) के लिए एक सुदृढ़ संरचनात्मक आधार तैयार किया। इस लेख में हम राष्ट्रपति के आदेश 1960 की पृष्ठभूमि, इसकी मुख्य सिफारिशों, इसके दूरगामी परिणामों और इसे याद रखने की आसान शॉर्ट ट्रिक्स को विस्तार से समझेंगे।


विषय सूची (Table of Contents)

1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: राजभाषा आयोग और पंत समिति
2. मूल कानूनी उद्धरण (Original Legal Citation)
3. राष्ट्रपति आदेश, 1960 के मुख्य बिंदु व निर्देश
4. इस आदेश के दूरगामी प्रभाव और परिणाम
5. आदेश 1960 को याद रखने की शानदार शॉर्ट ट्रिक
6. निष्कर्ष (Conclusion)
7. राष्ट्रपति के राजभाषा आदेश 1960 से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)


1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: राजभाषा आयोग और पंत समिति

संविधान के अनुच्छेद 344(1) के तहत राष्ट्रपति को प्रत्येक 5 और 10 वर्ष में एक राजभाषा आयोग गठित करने का अधिकार प्राप्त है।
* प्रथम राजभाषा आयोग (1955): वर्ष 1955 में श्री बी. जी. खेर (B.G. Kher) की अध्यक्षता में प्रथम राजभाषा आयोग (खेर आयोग) का गठन किया गया, जिसने 1956 में अपनी रिपोर्ट सौंपी।
* संसदीय राजभाषा समिति (1957): खेर आयोग की सिफारिशों की समीक्षा के लिए वर्ष 1957 में तत्कालीन गृहमंत्री श्री गोविंद बल्लभ पंत की अध्यक्षता में एक संयुक्त संसदीय समिति (पंत समिति) का गठन किया गया, जिसने 1959 में अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को दी।
* आदेश का निर्गमन (1960): पंत समिति की रिपोर्ट के आधार पर, संविधान के अनुच्छेद 344(6) के तहत राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 27 अप्रैल, 1960 को यह ऐतिहासिक आदेश जारी किया।


2. मूल कानूनी उद्धरण (Original Legal Citation)

राष्ट्रपति के आदेश 1960 के प्रस्तावना भाग का मूल पाठ:

*”संविधान के अनुच्छेद 344 के खंड (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राष्ट्रपति, राजभाषा आयोग की सिफारिशों पर विचार करने के लिए गठित समिति की रिपोर्ट पर विचार करने के उपरांत, यह निदेश देते हैं कि उक्त रिपोर्ट में दी गई राय के अनुसार निम्नलिखित आदेश कार्यान्वित किए जाएं…”*


3. राष्ट्रपति आदेश, 1960 के मुख्य बिंदु व निर्देश

इस आदेश में भारत सरकार के विभिन्न प्रशासनिक अंगों के लिए विस्तृत निर्देश दिए गए थे, जिन्हें मुख्य रूप से निम्नलिखित भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है:

क. पारिभाषिक शब्दावली का निर्माण (Scientific & Technical Terminology)

आदेश में निर्देश दिया गया कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और कानून के क्षेत्रों में मानक और समान पारिभाषिक शब्दावली विकसित करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाए। इसी के परिणामस्वरूप बाद में वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली आयोग (CSTT) की स्थापना की गई।

ख. प्रशासनिक नियमों और संहिताओं का अनुवाद

सभी मंत्रालयों और विभागों के नियमों, नियमावलियों (Manuals), संहिताओं (Codes) और अन्य प्रक्रिया संबंधी साहित्य का हिंदी में अनुवाद किया जाना अनिवार्य किया गया। यह कार्य मुख्य रूप से कानून मंत्रालय के अधीन राजभाषा विधायी आयोग को सौंपा गया।

ग. कर्मचारियों के लिए हिंदी का अनिवार्य प्रशिक्षण

💡 प्रशिक्षण नीति (Training Policy):
45 वर्ष से कम आयु वाले केंद्र सरकार के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हिंदी भाषा, हिंदी आशुलिपि (Stenography) और हिंदी टाइपिंग का प्रशिक्षण अनिवार्य (Mandatory) कर दिया गया।

घ. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाओं का माध्यम

आदेश में निर्देश दिया गया कि संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी को भी परीक्षा के वैकल्पिक माध्यम के रूप में शामिल करने के लिए कदम उठाए जाएं, ताकि गैर-अंग्रेजी भाषी ग्रामीण उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके।

ङ. संसद की विधायी भाषा और अधिनियमों का अनुवाद

संसद में पेश किए जाने वाले विधेयकों और अधिनियमों का आधिकारिक रूप से प्रमाणित हिंदी अनुवाद तैयार करने की व्यवस्था करने को कहा गया।


4. इस आदेश के दूरगामी प्रभाव और परिणाम

राष्ट्रपति के 1960 के आदेश ने राजभाषा नीतियों को केवल कागजों से हटाकर व्यावहारिक धरातल पर लाने का कार्य किया:
1. केंद्रीय हिंदी निदेशालय (1960): हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए शिक्षा मंत्रालय के अधीन केंद्रीय हिंदी निदेशालय की स्थापना की गई।
2. वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली आयोग (CSTT – 1961): वर्ष 1961 में CSTT की स्थापना हुई, जिसने लाखों तकनीकी शब्दों के हिंदी पर्यायों का निर्माण किया।
3. राजभाषा अधिनियम, 1963 का मार्ग प्रशस्त होना: इस आदेश के अनुभवों के आधार पर ही बाद में ऐतिहासिक राजभाषा अधिनियम, 1963 का ड्राफ्ट तैयार किया गया।


5. आदेश 1960 को याद रखने की शानदार शॉर्ट ट्रिक

राष्ट्रपति आदेश 1960 को याद रखने के लिए इस संक्षिप्त कविता और सूत्र को याद रखें:

“60 (साठ) का आदेश – हिंदी प्रशिक्षण का प्रवेश,
आयोग बना खेर का, पंत ने किया विचार,
राजेन्द्र बाबू ने किया, आदेश का बेड़ा पार!”

*शॉर्ट ट्रिक विश्लेषण:*
* 60 (1960): राष्ट्रपति आदेश का वर्ष।
* खेर: प्रथम राजभाषा आयोग (खेर आयोग 1955)।
* पंत: संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष (जी.बी. पंत 1957)।
* राजेन्द्र बाबू: तत्कालीन राष्ट्रपति जिन्होंने 1960 में इस आदेश पर हस्ताक्षर किए।
* प्रशिक्षण: कर्मचारियों के लिए हिंदी सीखना अनिवार्य करने वाला पहला आदेश।


6. निष्कर्ष

राष्ट्रपति का राजभाषा आदेश 1960 भारतीय राजभाषा आंदोलन में एक असाधारण मोड़ था। इसने 1965 के बाद की भाषाई अनिश्चितता को दूर करने के लिए ठोस प्रशासनिक ढांचे का निर्माण किया। आज भी, सरकारी कार्यालयों में चल रही हिंदी शिक्षण योजना (HTS) और शब्दावली निर्माण का काम इसी आदेश के सिद्धांतों पर आधारित है।


7. राष्ट्रपति के राजभाषा आदेश 1960 से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

Q1. राष्ट्रपति का राजभाषा आदेश कब जारी किया गया था?

यह ऐतिहासिक आदेश 27 अप्रैल, 1960 को जारी किया गया था।

Q2. इस आदेश को किस संवैधानिक अनुच्छेद के तहत जारी किया गया था?

राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 344 के खंड (6) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करके इस आदेश को जारी किया था।

Q3. आदेश 1960 किस समिति की सिफारिशों पर आधारित था?

यह आदेश प्रथम राजभाषा आयोग (खेर आयोग) की सिफारिशों की समीक्षा करने वाली संयुक्त संसदीय राजभाषा समिति (पंत समिति) की रिपोर्ट पर आधारित था।

Q4. आदेश 1960 में किस आयु से कम के कर्मचारियों के लिए हिंदी प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया?

इस आदेश के तहत 45 वर्ष से कम आयु वाले सभी केंद्र सरकार के अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए हिंदी का इन-सर्विस प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया।

Q5. वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली आयोग (CSTT) की स्थापना किस आदेश के तहत हुई थी?

CSTT की स्थापना राष्ट्रपति के इसी राजभाषा आदेश 1960 के निर्देशों के तहत वर्ष 1961 में की गई थी।

Q6. आदेश 1960 जारी करने के समय भारत के राष्ट्रपति कौन थे?

उस समय भारत के राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, जिन्होंने इस आदेश पर हस्ताक्षर किए थे।

Q7. क्या इस आदेश में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाओं के बारे में कोई निर्देश था?

हाँ, इस आदेश में यूपीएससी परीक्षाओं में अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी को वैकल्पिक माध्यम के रूप में शामिल करने का निर्देश दिया गया था।

Q8. इस आदेश के तहत किन-किन कार्यालयीन दस्तावेजों का अनुवाद आवश्यक किया गया?

कार्यालयीन मैनुअल (Manuals), नियमों (Rules), संहिताओं (Codes) और कानून के अन्य प्रक्रिया संबंधी साहित्यों का हिंदी अनुवाद अनिवार्य किया गया।



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