
राजभाषा पुरस्कार योजनाएँ कौन-कौन सी हैं? पूरी सूची व पात्रता मानदंड
भारत सरकार के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के अधीन कार्यरत राजभाषा विभाग (Department of Official Language) द्वारा संघ के शासकीय कार्यों में हिंदी भाषा के प्रगामी प्रयोग (Progressive Use of Hindi) को बढ़ावा देने, सरकारी सेवकों में उत्साह जगाने और उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने के लिए कई प्रकार की पुरस्कार योजनाएं चलाई जाती हैं। इन योजनाओं को सामूहिक रूप से राजभाषा पुरस्कार योजना (Rajbhasha Puraskar Yojna) कहा जाता है।
यदि आप राजभाषा अधिकारी (Rajbhasha Adhikari) परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं या केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं, तो इन पुरस्कारों के बारे में जानना आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस विस्तृत लेख में हम राजभाषा कीर्ति पुरस्कार, राजभाषा गौरव पुरस्कार, क्षेत्रीय पुरस्कारों और अन्य प्रोत्साहन योजनाओं की पात्रता, पुरस्कार राशि तथा नियमों का गहन विश्लेषण करेंगे।
विषय सूची (Table of Contents)
1. राजभाषा पुरस्कारों का ऐतिहासिक संदर्भ और उद्देश्य
2. संवैधानिक और कानूनी आधार (Legal Framework)
3. राजभाषा कीर्ति पुरस्कार योजना (Rajbhasha Kirti Puraskar)
4. राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना (Rajbhasha Gaurav Puraskar)
5. अन्य प्रोत्साहन योजनाएं (Other Incentive Schemes)
6. पुरस्कार मूल्यांकन समिति और प्रक्रिया
7. राजभाषा पुरस्कारों को याद रखने की शॉर्ट ट्रिक
8. निष्कर्ष (Conclusion)
9. राजभाषा पुरस्कार योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
1. राजभाषा पुरस्कारों का ऐतिहासिक संदर्भ और उद्देश्य
प्रारंभ में, गृह मंत्रालय द्वारा ‘इन्दिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार योजना’ और ‘राजीव गांधी राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार योजना’ चलाई जाती थी। वर्ष 2015 में, इन योजनाओं की समीक्षा की गई और इन्हें अधिक तर्कसंगत एवं प्रभावी बनाने के लिए पुनर्गठित किया गया।
पुनर्गठन के बाद दो मुख्य पुरस्कार श्रेणियों का नामकरण किया गया:
1. राजभाषा कीर्ति पुरस्कार (Rajbhasha Kirti Puraskar): यह मुख्य रूप से संस्थागत (Institutional) उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।
2. राजभाषा गौरव पुरस्कार (Rajbhasha Gaurav Puraskar): यह व्यक्तिगत (Individual) स्तर पर उत्कृष्ट लेखन और योगदान के लिए दिया जाता है।
इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभिन्न मंत्रालय, विभाग, राष्ट्रीयकृत बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs) और सरकारी कर्मचारी स्वेच्छा से तथा गर्व के साथ राजभाषा हिंदी का प्रयोग प्रशासनिक कार्यों में बढ़ाएं।
2. संवैधानिक और कानूनी आधार (Legal Framework)
संविधान के अनुच्छेद 351 के तहत केंद्र सरकार का यह कर्तव्य है कि वह हिंदी भाषा के प्रसार और विकास को बढ़ावा दे। इसी संवैधानिक अधिदेश (Constitutional Mandate) को पूरा करने के लिए विभिन्न नियम और प्रोत्साहन योजनाएं तैयार की गई हैं।
राजभाषा नियम, 1976 के संदर्भ में कानूनी निर्देश:
*”संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए हिंदी के प्रगामी प्रयोग को सुनिश्चित करना और इसके प्रचार-प्रसार के लिए कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना केंद्र सरकार के प्रत्येक विभाग के प्रशासनिक प्रधान का दायित्व होगा।”*
राजभाषा विभाग द्वारा इन योजनाओं का संचालन राजभाषा संकल्प, 1968 और राजभाषा नियम, 1976 के उपबंधों के तहत किया जाता है, ताकि विभिन्न क्षेत्रों (क, ख और ग) के लिए निर्धारित वार्षिक लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
3. राजभाषा कीर्ति पुरस्कार योजना (Rajbhasha Kirti Puraskar)
राजभाषा कीर्ति पुरस्कार भारत सरकार के मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), राष्ट्रीयकृत बैंकों और नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (TOLICs/नराकास) को हिंदी में उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्य करने के लिए प्रदान किया जाता है।
यह पुरस्कार प्रतिवर्ष हिंदी दिवस (14 सितंबर) के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में भारत के राष्ट्रपति या गृहमंत्री द्वारा प्रदान किया जाता है।
क. मंत्रालयों और विभागों के लिए पुरस्कार
मंत्रालयों और विभागों को उनके अधीन कार्य करने वाले कुल स्टाफ और राजभाषा कार्यान्वयन की गुणवत्ता के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। इसमें शील्ड (Shield) और प्रमाण पत्र दिया जाता है।
ख. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के लिए
PSUs को उनके भौगोलिक क्षेत्र (Region A, B, C) के आधार पर अलग-अलग पुरस्कृत किया जाता है:
* क्षेत्र ‘क’: प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार।
* क्षेत्र ‘ख’: प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार।
* क्षेत्र ‘ग’: प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार।
ग. राष्ट्रीयकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए
बैंकों को भी संपूर्ण देश में हिंदी के प्रचार-प्रसार और बैंकिंग सेवाओं में हिंदी के उपयोग के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर कीर्ति पुरस्कार दिए जाते हैं।
घ. नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (TOLICs/नराकास) के लिए
नराकास उन समितियों को कहा जाता है जो किसी विशिष्ट शहर में स्थित सभी केंद्रीय कार्यालयों के बीच समन्वय स्थापित करती हैं। देश भर में बेहतर समन्वय करने वाली शीर्ष नराकास समितियों को क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर यह पुरस्कार दिया जाता है।
| लक्षित समूह | पुरस्कार का स्वरूप | मूल्यांकन का आधार |
| :— | :— | :— |
| मंत्रालय/विभाग | शील्ड और प्रमाण पत्र | वार्षिक कार्यक्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति (प्रतिशत में) |
| सार्वजनिक उपक्रम (PSUs) | शील्ड और प्रमाण पत्र | क्षेत्रवार (क, ख, ग) राजभाषा कार्यान्वयन |
| राष्ट्रीयकृत बैंक | शील्ड और प्रमाण पत्र | ग्राहक सेवा और प्रशासनिक कार्यों में हिंदी |
| नराकास (TOLICs) | शील्ड | संबद्ध कार्यालयों में हिंदी प्रगति का वार्षिक रिपोर्ट |
4. राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना (Rajbhasha Gaurav Puraskar)
यह पुरस्कार योजना व्यक्तिगत प्रतिभा को मान्यता देती है। इसके अंतर्गत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों को मौलिक लेखन के लिए नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाते हैं। इसके मुख्य तीन भाग हैं:
क. ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में मौलिक पुस्तक लेखन (सभी नागरिकों के लिए)
भारत के किसी भी नागरिक द्वारा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, आधुनिक चिकित्सा, इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष विज्ञान, प्रबंधन आदि विषयों पर हिंदी में लिखी गई उत्कृष्ट पुस्तकों के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है।
पुरस्कार राशि का विवरण:
* प्रथम पुरस्कार: ₹ 2,00,000 (दो लाख रुपये), शील्ड और प्रमाण पत्र
* द्वितीय पुरस्कार: ₹ 1,25,000 (एक लाख पच्चीस हजार रुपये), शील्ड और प्रमाण पत्र
* तृतीय पुरस्कार: ₹ 75,000 (पचहत्तर हजार रुपये), शील्ड और प्रमाण पत्र
* सांत्वना पुरस्कार (10 पुरस्कार): ₹ 10,000 (दस हजार रुपये) प्रत्येक और प्रमाण पत्र
ख. केंद्रीय सरकार के कर्मियों द्वारा मौलिक पुस्तक लेखन
केंद्रीय सरकारी विभागों, स्वायत्त निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और उपक्रमों के सेवारत या सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा किसी भी विषय पर लिखी गई मौलिक पुस्तकों के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है।
पुरस्कार राशि का विवरण:
* प्रथम पुरस्कार: ₹ 1,00,000 (एक लाख रुपये)
* द्वितीय पुरस्कार: ₹ 75,000 (पचहत्तर हजार रुपये)
* तृतीय पुरस्कार: ₹ 50,000 (पचास हजार रुपये)
* सांत्वना पुरस्कार (5 पुरस्कार): ₹ 10,000 (दस हजार रुपये) प्रत्येक
ग. उत्कृष्ट लेखों के लिए पुरस्कार (विभाग की गृह-पत्रिकाओं में प्रकाशित)
केंद्रीय सरकारी कार्यालयों की इन-हाउस पत्रिकाओं (गृह-पत्रिकाओं) में प्रकाशित होने वाले श्रेष्ठ हिंदी लेखों के लिए तीन श्रेणियों में नकद पुरस्कार दिए जाते हैं:
* प्रथम पुरस्कार: ₹ 25,000 (पच्चीस हजार रुपये)
* द्वितीय पुरस्कार: ₹ 15,000 (पंद्रह हजार रुपये)
* तृतीय पुरस्कार: ₹ 10,000 (दस हजार रुपये)
ज्ञान-विज्ञान श्रेणी में पुस्तक पूरी तरह से हिंदी में मौलिक (Original) होनी चाहिए। किसी अन्य भाषा की पुस्तक का अनुवाद (Translation) इस योजना के लिए स्वीकार्य नहीं होता है।
5. अन्य प्रोत्साहन योजनाएं (Other Incentive Schemes)
संस्थागत और राष्ट्रीय स्तर के बड़े पुरस्कारों के अलावा, दैनिक प्रशासनिक कार्य में हिंदी का प्रयोग बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर कार्यालयों में निम्नलिखित प्रोत्साहन योजनाएं भी लागू की जाती हैं:
क. टिप्पण और प्रारूप लेखन प्रोत्साहन योजना (Noting and Drafting Scheme)
दैनिक फाइलों पर हिंदी में नोटिंग (टिप्पणी) और ड्राफ्टिंग (प्रारूप) करने वाले कर्मचारियों के लिए यह योजना प्रत्येक कार्यालय स्तर पर आयोजित की जाती है। वर्ष में कम से कम 20,000 शब्द हिंदी में लिखने वाले कर्मचारियों को निम्नलिखित पुरस्कार दिए जाते हैं:
* प्रथम पुरस्कार (2 पुरस्कार): ₹ 5,000 प्रत्येक
* द्वितीय पुरस्कार (3 पुरस्कार): ₹ 3,000 प्रत्येक
* तृतीय पुरस्कार (5 पुरस्कार): ₹ 2,000 प्रत्येक
ख. हिंदी डिक्टेशन प्रोत्साहन योजना (Hindi Dictation Incentive)
अधिकारियों द्वारा अपने सहायकों को हिंदी में डिक्टेशन (श्रुतलेखन) देने को बढ़ावा देने के लिए यह योजना है। इसके अंतर्गत क्षेत्र ‘क’ व ‘ख’ के अधिकारियों को ₹ 5,000 और क्षेत्र ‘ग’ के अधिकारियों को ₹ 5,000 के पुरस्कार दिए जाते हैं, बशर्ते वे वर्ष में एक निश्चित संख्या में डिक्टेशन हिंदी में दें।
ग. हिंदी आशुलिपि (Stenography) और टाइपिंग प्रोत्साहन योजना
जो आशुलिपिक या टंकक अपने सामान्य कार्य के अतिरिक्त हिंदी आशुलिपि/टाइपिंग का कार्य भी करते हैं, उन्हें एक निश्चित मासिक प्रोत्साहन भत्ता (Incentive Allowance) प्रदान किया जाता है।
6. पुरस्कार मूल्यांकन समिति और प्रक्रिया
राजभाषा पुरस्कारों के लिए प्राप्त प्रविष्टियों (Entries) का मूल्यांकन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाता है। इस समिति के अध्यक्ष सामान्यतः राजभाषा विभाग के सचिव होते हैं।
मूल्यांकन के प्रमुख मानदंड निम्नलिखित हैं:
1. वार्षिक कार्यक्रम लक्ष्यों की प्राप्ति: विभाग ने राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित वार्षिक कार्यक्रम के लक्ष्यों को कितना पूरा किया।
2. राजभाषा कार्यान्वयन समिति (OLIC) की बैठकें: क्या प्रत्येक तिमाही में बैठकें आयोजित की गईं और उनके निर्णयों का अनुपालन किया गया।
3. हिंदी वेबसाइट और ई-पोर्टल्स: क्या विभाग की वेबसाइट पूर्णतः द्विभाषी (Bilingual) है और हिंदी सामग्री को नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।
4. प्रशिक्षण लक्ष्य: विभाग में कार्यरत कितने प्रतिशत कर्मचारियों को हिंदी भाषा, टाइपिंग और कंप्यूटर पर काम करने का प्रशिक्षण मिल चुका है।
5. धारा 3(3) का अनुपालन: राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले सभी दस्तावेज अनिवार्य रूप से द्विभाषी जारी किए गए या नहीं।
7. राजभाषा पुरस्कारों को याद रखने की शॉर्ट ट्रिक
राजभाषा परीक्षाओं (जैसे SSC, IBPS, UPSC Official Language Exams) में पुरस्कारों से जुड़े कई प्रश्न पूछे जाते हैं। इन पुरस्कारों और उनकी राशियों को याद रखने की एक आसान शॉर्ट ट्रिक निम्नलिखित है:
“कीर्ति मिली विभाग को, गौरव मिला इंसान,
ज्ञान-विज्ञान में दो लाख का, होता है सम्मान।
नोटिंग-ड्राफ्टिंग में पाँच हजार का, मिलता है इनाम,
याद रखो ये चार बातें, आसान होगा काम!”
*शॉर्ट ट्रिक का विश्लेषण:*
* कीर्ति = विभाग/संस्था: ‘कीर्ति’ पुरस्कार केवल मंत्रालयों, विभागों, बैंकों और सार्वजनिक उपक्रमों (संस्थाओं) को दिया जाता है।
* गौरव = इंसान/व्यक्ति: ‘गौरव’ पुरस्कार व्यक्तिगत लेखकों और सरकारी कर्मचारियों को उनकी मौलिक रचनाओं के लिए दिया जाता है।
* ज्ञान-विज्ञान = दो लाख: गौरव पुरस्कार के तहत ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन के लिए प्रथम पुरस्कार राशि ₹ 2,00,000 (दो लाख) है।
* नोटिंग-ड्राफ्टिंग = पाँच हजार: दैनिक फाइलों पर हिंदी नोटिंग और ड्राफ्टिंग प्रोत्साहन योजना के तहत प्रथम पुरस्कार राशि ₹ 5,000 है।
8. निष्कर्ष (Conclusion)
राजभाषा पुरस्कार योजनाएं न केवल प्रशासनिक स्तर पर हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने का एक वैधानिक साधन हैं, बल्कि ये कर्मचारियों के भीतर एक सकारात्मक और सम्मानजनक दृष्टिकोण का निर्माण करती हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से देश में तकनीकी और वैज्ञानिक विषयों पर हिंदी में स्तरीय साहित्य का सृजन हो रहा है। प्रत्येक राजभाषा अधिकारी का यह दायित्व है कि वे अपने कार्यालय में इन प्रोत्साहन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी इनका लाभ उठा सकें।
9. राजभाषा पुरस्कार योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
Q1. राजभाषा पुरस्कार मुख्य रूप से कितनी श्रेणियों में बांटे गए हैं?
राजभाषा पुरस्कारों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है: 1. राजभाषा कीर्ति पुरस्कार (संस्थागत प्रदर्शन के लिए) और 2. राजभाषा गौरव पुरस्कार (व्यक्तिगत मौलिक लेखन के लिए)।
Q2. राजभाषा कीर्ति पुरस्कार किस अवसर पर प्रदान किए जाते हैं?
यह पुरस्कार प्रतिवर्ष 14 सितंबर (हिंदी दिवस) के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय राजभाषा समारोह में प्रदान किए जाते हैं।
Q3. राजभाषा गौरव पुरस्कार के अंतर्गत ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन के लिए प्रथम पुरस्कार राशि कितनी है?
इस श्रेणी के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹ 2,00,000 (दो लाख रुपये), शील्ड और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।
Q4. क्या कोई आम भारतीय नागरिक राजभाषा गौरव पुरस्कार प्राप्त कर सकता है?
हाँ, राजभाषा गौरव पुरस्कार की ‘ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में मौलिक पुस्तक लेखन’ श्रेणी भारत के सभी नागरिकों के लिए खुली है।
Q5. राजभाषा कीर्ति पुरस्कार किसे दिए जाते हैं?
यह पुरस्कार भारत सरकार के मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), राष्ट्रीयकृत बैंकों और नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (TOLICs) को दिया जाता है।
Q6. टिप्पण और प्रारूप (Noting & Drafting) योजना के तहत प्रथम पुरस्कार की राशि कितनी होती है?
टिप्पण और प्रारूप लेखन प्रोत्साहन योजना के तहत प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले दो कर्मचारियों को ₹ 5,000 प्रत्येक प्रदान किए जाते हैं।
Q7. क्या अनूदित (Translated) पुस्तकों को राजभाषा गौरव पुरस्कार मिल सकता है?
नहीं, यह पुरस्कार केवल मूल रूप से हिंदी में लिखी गई मौलिक (Original) पुस्तकों को ही प्रदान किया जाता है। अनुवादित पुस्तकें इसके लिए पात्र नहीं होती हैं।
Q8. राजभाषा गौरव पुरस्कार के तहत गृह-पत्रिकाओं में प्रकाशित उत्कृष्ट लेखों के लिए प्रथम पुरस्कार क्या है?
इसके तहत प्रथम पुरस्कार की राशि ₹ 25,000 (पच्चीस हजार रुपये) है।
Q9. राजभाषा पुरस्कारों का संचालन कौन सा विभाग करता है?
इन पुरस्कारों का संचालन भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन राजभाषा विभाग करता है।
Q10. नराकास (TOLIC) को किस पुरस्कार योजना के तहत सम्मानित किया जाता है?
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (TOLIC) को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राजभाषा कीर्ति पुरस्कार योजना के अंतर्गत सम्मानित किया जाता है।
