टिप्पणी लेखन (Noting) : परिभाषा, प्रकार, नियम, व्यावहारिक प्रारूप और महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

❌ टिप्पणी लेखन (Noting) : परिभाषा, प्रकार, नियम, व्यावहारिक प्रारूप और महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

1. टिप्पणी: मूल अवधारणा, अर्थ और परिभाषा

टिप्पणी क्या है: सरकारी और प्रशासनिक कार्यालयों में बाहर से आने वाले पत्रों (आवती – Receipts) अथवा किसी विचाराधीन प्रशासनिक मामले पर निर्णय लेने के लिए जो विचार, टिप्पणियां, और सुझाव लिखे जाते हैं, उसे **टिप्पणी लेखन (Noting)** कहा जाता है।

‘टिप्पण’ और ‘टिप्पणी’ में सूक्ष्म अंतर:

👉 टिप्पणी (Note): किसी साहित्यिक पुस्तक, गद्य-पद्य या स्वतंत्र विषय पर अपने संक्षिप्त विचार व्यक्त करना। 👉 टिप्पण (Noting): सरकारी फाइल की नोटशीट पर प्रशासनिक निर्णय हेतु सहायक या अधिकारियों द्वारा दी गई राय की क्रमिक प्रशासनिक प्रक्रिया।

सरकारी कार्यालयों में टिप्पणी का उद्देश्य:

1. विचाराधीन मुद्दों को संगत नियमों के प्रकाश में स्पष्ट करना। 2. निर्णय प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाना। 3. प्रशासनिक संदर्भ (Precedents) के लिए निर्णय का लिखित रिकॉर्ड रखना।

2. फाइल का गठन और टिप्पणी लेखन की पद्धति

सरकारी कार्यालयों में सभी कार्य कागजों पर होते हैं। एक विषय से जुड़े समस्त कागजात एक जगह रखे जाते हैं जिसे **फाइल** कहा जाता है।

फाइल के दो प्रमुख भाग होते हैं:

📁 टिप्पण भाग (Noting Portion): यह फाइल में बाईं तरफ हरी नोटशीट के रूप में नत्थी होता है, जहाँ सहायक और अधिकारी अपनी सम्मति लिखते हैं। 📁 पत्राचार भाग (Correspondence Portion): यह फाइल में दाईं तरफ होता है, जहाँ बाहरी आवती (incoming letters) तथा भेजे गए पत्रों की प्रतियां रखी जाती हैं।

आद्यक्षर (Initials) का महत्व: टिप्पणी लिखने के बाद कर्मचारी टिप्पणी के नीचे बाईं ओर अपने लघु हस्ताक्षर करता है, जिसे ‘आद्यक्षर’ कहा जाता है। इससे निर्णय के उत्तरदायित्व का निर्धारण होता है।

3. टिप्पणी के विभिन्न प्रकार

सरकारी काम में मुख्यतः निम्नलिखित प्रकार की टिप्पणियां लिखी जाती हैं:

1. नेमी टिप्पणी (Routine Noting): दैनिक या रोजमर्रा के बहुत साधारण कार्यों के लिए हाशिए पर लिखी जाने वाली संक्षिप्त टिप्पणियां। जैसे – “देख लिया, धन्यवाद” (Seen, thanks) या “चर्चा करें” (Please discuss) 2. स्वतः पूर्ण टिप्पणी (Self-contained Note): यह किसी आवती पर आधारित न होकर किसी विशेष आवश्यकता (जैसे लेखन सामग्री या अतिरिक्त बजट की मांग) के लिए स्वतंत्र रूप से लिखी जाती है। 3. अंतराविभागीय टिप्पणी (Inter-departmental Note): एक ही विभाग के भीतर विभिन्न अनुभागों के बीच संवाद हेतु लिखी जाने वाली टिप्पणी। 4. अंतर्विभागीय टिप्पणी (Intra-departmental Note): दो या अधिक विभिन्न मंत्रालयों या विभागों के बीच विचार-विमर्श हेतु भेजी जाने वाली टिप्पणी। 5. अनुमोदन टिप्पणी (Noting for Approval): किसी मसौदे या पत्र के प्रारूप को प्रशासनिक स्वीकृति दिलाने के लिए प्रस्तुत की जाने वाली टिप्पणी।

4. टिप्पणी लेखन के नियम, भाषा और चरण

टिप्पणी लिखते समय ध्यान रखने योग्य नियम:

👉 निर्वैयक्तिक शैली: टिप्पणी में कभी भी ‘मैं’, ‘हम’, या ‘आप’ का प्रयोग नहीं किया जाता। हमेशा ‘अन्य पुरुष’ (Third Person) और ‘कर्मवाच्य’ (Passive Voice) का प्रयोग होता है (जैसे- “आदेश हेतु प्रस्तुत है”)। 👉 शिष्ट व संतुलित भाषा: किसी भी साथी कर्मचारी या पूर्व निर्णय की आलोचना करते समय भाषा मर्यादित होनी चाहिए। व्यक्तिगत लांछन लगाना पूर्णतः वर्जित है। 👉 हाशिया (Margin): नोटशीट के चारों ओर लगभग 1 इंच का मार्जिन रखा जाता है ताकि वरिष्ठ अधिकारी उस पर टिप्पणी लिख सकें। 👉 स्याही का नियम: सामान्यतः नीली या काली स्याही का प्रयोग किया जाता है। अत्यंत उच्च स्तर पर संयुक्त सचिव या उससे ऊपर के अधिकारी लाल या हरी स्याही का प्रयोग कर सकते हैं।

सहायक स्तर पर आवती पर टिप्पणी के 5 आवश्यक चरण:

1. आवती का विषय व विवरण प्रस्तुत करना। 2. आवती का कारण या पृष्ठभूमि स्पष्ट करना। 3. संबंधित सरकारी नियम या पूर्व उदाहरण का उल्लेख करना। 4. कार्यालय में कार्य या बजट की वर्तमान स्थिति बताना। 5. समस्या के समाधान के लिए स्पष्ट सुझाव देना।

5. टिप्पणी लेखन के व्यावहारिक उदाहरण

उदाहरण 1: शैक्षिक अनुमति के लिए सहायक द्वारा टिप्पणी

फ़ाइल संख्या: 15-2/2026-स्थापना

श्री कर्मचंद्र, तकनीकी सहायक ने शैक्षिक योग्यता बढ़ाने के लिए सांध्यकालीन कक्षाओं में पढ़कर हिंदी एम.ए. की परीक्षा देने की अनुमति मांगी है।

1. श्री कर्मचंद्र वर्तमान में बी.ए. पास हैं। 2. उनके आवेदन में यह आश्वासन दिया गया है कि इससे उनके कार्यालयी कार्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। 3. नियमानुसार, कार्यालय कार्य प्रभावित न होने की शर्त पर अनुमति दी जा सकती है।

अनुमति का मसौदा (Draft) अनुमोदनार्थ प्रस्तुत है।

(लघु हस्ताक्षर / आद्यक्षर)
दिनांक: 15-07-2026
सहायक

उदाहरण 2: अनुभाग अधिकारी द्वारा इस पर दी गई टिप्पणी

श्री कर्मचंद्र को निम्नलिखित शर्तों के अधीन एम.ए. की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जा सकती है:

1. पढ़ाई या परीक्षा की तैयारी के लिए कोई विशेष अवकाश देय नहीं होगा। 2. प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए यह अनुमति किसी भी समय वापस ली जा सकती है।

अनुमोदनार्थ प्रस्तुत।

(हस्ताक्षर)
दिनांक: 15-07-2026
अनुभाग अधिकारी

6. ई-ऑफिस (e-Office) में टिप्पणी लेखन

डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत वर्तमान में अधिकांश सरकारी कार्यालयों में **e-Office** प्रणाली का प्रयोग हो रहा है:

👉 ई-ऑफिस में फाइलें डिजिटल रूप में होती हैं और टिप्पणी लिखने के लिए डिजिटल नोटशीट (Green Note) का विकल्प होता है। 👉 अधिकारी अपने डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature Certificate – DSC या e-Sign) द्वारा फाइलों पर अनुमोदन देते हैं। 👉 ई-ऑफिस में टिप्पणी का इतिहास (History) पूरी तरह लॉक रहता है, जिससे संपादन का सही समय और उपयोगकर्ता का नाम बदला नहीं जा सकता। यह प्रणाली पारदर्शिता को बढ़ावा देती है।

7. परीक्षा उपयोगी वस्तुनिष्ठ व वर्णनात्मक प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs):

प्रश्न 1: ‘Noting’ का हिंदी पर्याय क्या है?

(क) प्रारूपण
(ख) टिप्पण ✅
(ग) प्रतिवेदन
(घ) संक्षेपण

प्रश्न 2: सरकारी फाइल पर की जाने वाली टिप्पणियां किस रंग की शीट पर लिखी जाती हैं?

(क) पीली शीट
(ख) सफेद शीट
(ग) हरी नोटशीट ✅
(घ) लाल शीट

प्रश्न 3: टिप्पणी के अंत में किए जाने वाले संक्षिप्त हस्ताक्षर को क्या कहते हैं?

(क) पूर्ण हस्ताक्षर
(ख) आद्यक्षर ✅
(ग) पृष्ठांकन
(घ) प्रेषक

वर्णनात्मक प्रश्न (Descriptive Q&A):

प्रश्न: SSC JHT परीक्षा में टिप्पणी लेखन से संबंधित कैसे प्रश्न आते हैं?

उत्तर: SSC JHT में मुख्य रूप से टिप्पणी लेखन के प्रकार (नेमी, स्वतः पूर्ण), नियम (निर्वैयक्तिक शैली, अन्य पुरुष) और आवती पर टिप्पणी के 5 चरणों से संबंधित सैद्धांतिक प्रश्न पूछे जाते हैं। साथ ही, नेमी टिप्पणियों के अंग्रेजी-हिंदी अनुवाद भी पूछे जाते हैं।

प्रश्न: टिप्पणी और प्रतिवेदन में मुख्य प्रशासनिक अंतर क्या है?

उत्तर: टिप्पणी फाइल के टिप्पण भाग (Noting Portion) में लिखी जाने वाली एक आंतरिक विभागीय विचार प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य निर्णय लेना होता है। जबकि प्रतिवेदन (Report) एक औपचारिक और विस्तृत स्वतंत्र दस्तावेज होता है जो किसी विषय की जाँच के बाद तैयार किया जाता है और फाइल के पत्राचार भाग (Correspondence Portion) में रखा जाता है।

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