राजभाषा के क्षेत्र ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ की अद्यतन सूची
Regions A, B, C List — संपूर्ण वर्गीकरण, नियम, कानूनी उद्धरण, पत्राचार लक्ष्य, शॉर्ट ट्रिक्स एवं 10 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
भारतीय संविधान और प्रशासनिक नियमों के अनुसार, संपूर्ण भारतवर्ष में केंद्र सरकार के कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तीन प्रमुख भाषाई क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। इन्हें क्षेत्र ‘क’ (Region A), क्षेत्र ‘ख’ (Region B) और क्षेत्र ‘ग’ (Region C) कहा जाता है।
इसे राजभाषा नियमों में ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ क्षेत्रों का वर्गीकरण (Rajbhasha kshetra Ka Kha Ga) कहा जाता है। सरकारी परीक्षाओं (जैसे SSC, बैंकिंग राजभाषा परीक्षा) की तैयारी करने वाले छात्रों और राजभाषा अधिकारियों के लिए इस वर्गीकरण को पूरी तरह समझना और इसके नियमों को कंठस्थ करना आवश्यक है।
इस लेख में हम तीनों क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अद्यतन सूची, संचार संबंधी नियमों, कानूनी उद्धरणों और इसे याद रखने की आसान शॉर्ट ट्रिक्स को विस्तार से जानेंगे।
स्वतंत्रता के पश्चात भारत सरकार के समक्ष यह चुनौती थी कि विभिन्न राज्यों में हिंदी के प्रयोग की गति एक समान नहीं रखी जा सकती थी। कुछ राज्य (जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान) पूर्णतः हिंदी भाषी थे, जबकि कुछ अन्य राज्यों (जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब) की स्थानीय भाषा हिंदी से काफी मिलती-जुलती थी। वहीं, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में हिंदी का प्रचलन बहुत कम था।
इस भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए राजभाषा नियम, 1976 के अंतर्गत संपूर्ण देश का त्रिपक्षीय वर्गीकरण किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि हिंदी के विकास और पत्राचार के लक्ष्य हर राज्य की भाषाई क्षमता के अनुकूल और व्यावहारिक हों।
राजभाषा क्षेत्रों का यह वर्गीकरण राजभाषा नियम, 1976 के नियम 2 के उप-नियमों के तहत परिभाषित किया गया है।
क्षेत्र ‘क’ के अंतर्गत वे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश आते हैं जहाँ की मुख्य राजभाषा हिंदी है और शासकीय कार्य प्रमुखतः हिंदी में संपन्न किए जाते हैं।
राज्यों की सूची (States)- उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)
- उत्तराखंड (Uttarakhand)
- बिहार (Bihar)
- झारखंड (Jharkhand)
- मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)
- छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)
- राजस्थान (Rajasthan)
- हरियाणा (Haryana)
- हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCT Delhi)
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (Andaman & Nicobar Islands)
क्षेत्र ‘ख’ के अंतर्गत वे राज्य और संघ राज्य क्षेत्र आते हैं जिनकी मातृभाषा हिंदी नहीं है, परंतु वहाँ की स्थानीय लिपि देवनागरी से मिलती है या वहाँ हिंदी व्यापक रूप से बोली और समझी जाती है।
राज्यों की सूची (States)- गुजरात (Gujarat)
- महाराष्ट्र (Maharashtra)
- पंजाब (Punjab)
- चंडीगढ़ (Chandigarh)
- दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली (Daman & Diu and Dadra & Nagar Haveli)
क्षेत्र ‘ग’ के अंतर्गत भारत के वे सभी राज्य और संघ राज्य क्षेत्र शामिल हैं जो क्षेत्र ‘क’ और क्षेत्र ‘ख’ के अंतर्गत शामिल नहीं हैं। मुख्य रूप से इसमें दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी भारत के गैर-हिंदी भाषी राज्य आते हैं।
प्रमुख राज्यों की सूची- दक्षिण भारतीय राज्य: आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिल नाडु।
- पूर्वी भारत के राज्य: पश्चिम बंगाल, ओडिशा।
- पूर्वोत्तर भारत के राज्य: असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम।
- अन्य राज्य: गोवा।
जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, लक्षद्वीप, पुदुचेरी।
राजभाषा अधिनियम और नियमों के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों के कार्यालयों के बीच पत्राचार की भाषा निम्नलिखित प्रकार से तय की जाती है:
| स्रोत क्षेत्र | गंतव्य क्षेत्र | पत्राचार की भाषा एवं लक्ष्य |
|---|---|---|
| क. क्षेत्र ‘क’ से | ‘क’ क्षेत्र | पूर्णतः हिंदी में (100% लक्ष्य) |
| क. क्षेत्र ‘क’ से | ‘ख’ क्षेत्र | हिंदी में पत्राचार किया जाएगा, पर अंग्रेजी अनुवाद भी भेजा जा सकता है |
| क. क्षेत्र ‘क’ से | ‘ग’ क्षेत्र | सामान्यतः अंग्रेजी में या अंग्रेजी अनुवाद के साथ हिंदी में |
| ख. क्षेत्र ‘ख’ से | ‘क’ या ‘ख’ क्षेत्र | पत्राचार हिंदी में किया जाएगा (90% लक्ष्य) |
| ख. क्षेत्र ‘ख’ से | ‘ग’ क्षेत्र | सामान्यतः अंग्रेजी में |
| ग. क्षेत्र ‘ग’ से | ‘क’, ‘ख’ या ‘ग’ | पत्राचार अंग्रेजी में या हिंदी में अनुवाद सहित किया जाएगा |
क्षेत्र ‘क’ और ‘ख’ के राज्यों को याद रखने की एक बहुत ही सरल कविता और Mnemonic ट्रिक नीचे दी गई है:
हरियाणा, हिमाचल, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड की बहार,
दिल्ली और अंडमान निकोबार से बढ़ाओ व्यापार!”
चंडीगढ़, दमन-दीव, दादरा-नगर हवेली का साथ!”
शॉर्ट ट्रिक विश्लेषण:
- क क्षेत्र (Region A): उत्तर प्रदेश (उ.प्र), बिहार, मध्य प्रदेश (म.प्र), राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और अंडमान निकोबार द्वीप समूह। (कुल 9 राज्य + 2 संघ राज्य क्षेत्र = 11 क्षेत्र)।
- ख क्षेत्र (Region B): पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात, चंडीगढ़, दमन-दीव और दादरा-नगर हवेली। (कुल 3 राज्य + 2 संघ राज्य क्षेत्र = 5 क्षेत्र)।
- ग क्षेत्र (Region C): बाकी सभी बचे हुए राज्य ‘ग’ में आते हैं (जैसे कर्नाटक, तमिल नाडु, केरल, पश्चिम बंगाल आदि)।
राजभाषा नियमों के तहत ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ क्षेत्रों का वर्गीकरण भारतीय भाषाई संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर बनाया गया एक अत्यंत व्यावहारिक ढांचा है। यह गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर जबरन हिंदी थोपने से बचाता है, और साथ ही हिंदी भाषी राज्यों को शत-प्रतिशत हिंदी में काम करने की प्रशासनिक स्वतंत्रता प्रदान करता है। इस त्रिस्तरीय वर्गीकरण के कारण ही आज संघ की राजभाषा नीतियां बिना किसी बड़े भाषाई विवाद के सुचारू रूप से लागू की जा रही हैं।
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