
राजभाषा अधिकारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण अधिनियम, नियम और आदेश
भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (जैसे IBPS SO Rajbhasha), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI Grade B Rajbhasha), कर्मचारी चयन आयोग (SSC JT/SST) और विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) में राजभाषा अधिकारी (Rajbhasha Adhikari) का पद एक अत्यंत प्रतिष्ठित पद है। इन परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए राजभाषा संबंधी संवैधानिक प्रावधानों, अधिनियमों, नियमों और विभिन्न प्रशासनिक आदेशों की गहरी समझ होना अनिवार्य है।
लिखित परीक्षा के साथ-साथ साक्षात्कार (Interview) में भी इस विषय से सबसे अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं। इस व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका (Study Guide) में हम राजभाषा अधिकारी परीक्षा के दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक अनुच्छेदों, राजभाषा अधिनियम 1963, राजभाषा नियम 1976 और ऐतिहासिक शासकीय आदेशों का विस्तार से विश्लेषण करेंगे।
विषय सूची (Table of Contents)
1. संवैधानिक प्रावधान: भाग 5, 6 और 17 के महत्वपूर्ण अनुच्छेद
– अनुच्छेद 120 और 210 (संसद और विधानमंडल की भाषा)
– अनुच्छेद 343 (संघ की राजभाषा)
– अनुच्छेद 344 (राजभाषा आयोग और समिति)
– अनुच्छेद 348 (न्यायालयों की भाषा)
– अनुच्छेद 351 (हिंदी के विकास के लिए निर्देश)
2. राजभाषा अधिनियम, 1963 की महत्वपूर्ण धाराएँ
3. राजभाषा नियम, 1976 के 12 सबसे महत्वपूर्ण नियम
4. ऐतिहासिक राष्ट्रपति आदेश (1960) और राजभाषा संकल्प (1968)
5. राजभाषा अनुच्छेदों और नियमों को याद रखने की जादुई शॉर्ट ट्रिक्स
6. निष्कर्ष (Conclusion)
7. राजभाषा नियमों और अधिनियमों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
1. संवैधानिक प्रावधान: भाग 5, 6 और 17 के महत्वपूर्ण अनुच्छेद
भारतीय संविधान में राजभाषा का उल्लेख मुख्य रूप से तीन स्थानों पर मिलता है: भाग 5 (संसद की भाषा), भाग 6 (विधानमंडल की भाषा) और भाग 17 (राजभाषा)। भाग 17 में अनुच्छेद 343 से 351 तक कुल 9 अनुच्छेद हैं, जिन्हें चार अध्यायों में विभाजित किया गया है।
क. अनुच्छेद 120 और 210
* अनुच्छेद 120 (भाग 5): संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा। इसके तहत संसद का कार्य हिंदी या अंग्रेजी में किया जाएगा। परंतु लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा के सभापति किसी सदस्य को अपनी मातृभाषा में संबोधित करने की अनुमति दे सकते हैं।
* अनुच्छेद 210 (भाग 6): राज्य के विधानमंडलों में प्रयोग की जाने वाली भाषा। यह राज्यों को अपने विधायी कार्यों के लिए हिंदी, अंग्रेजी या क्षेत्रीय भाषा चुनने की अनुमति देता है।
ख. अनुच्छेद 343 (संघ की राजभाषा)
* अनुच्छेद 343(1): संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी। संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग किए जाने वाले अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतरराष्ट्रीय रूप (1, 2, 3…) होगा।
* अनुच्छेद 343(2): संविधान के लागू होने से 15 वर्ष की अवधि (1965 तक) के लिए अंग्रेजी का प्रयोग पूर्ववत जारी रहेगा।
ग. अनुच्छेद 344 (राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद की समिति)
इसके तहत राष्ट्रपति संविधान के प्रारंभ से 5 वर्ष बाद और उसके पश्चात प्रत्येक 10 वर्ष बाद एक राजभाषा आयोग (जैसे खेर आयोग) का गठन करेंगे। साथ ही 30 सदस्यों वाली संयुक्त संसदीय राजभाषा समिति का गठन किया जाएगा।
घ. अनुच्छेद 348 (उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों की भाषा)
जब तक संसद कानून बनाकर कोई अन्य व्यवस्था न करे, तब तक उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) और सभी उच्च न्यायालयों (High Courts) की सभी कार्यवाहियाँ अंग्रेजी भाषा में होंगी।
ङ. अनुच्छेद 351 (हिंदी भाषा के विकास के लिए निदेश)
यह संघ का कर्तव्य होगा कि वह हिंदी भाषा का प्रसार बढ़ाए, उसका विकास करे ताकि वह भारत की सामासिक संस्कृति (Composite Culture) के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके।
2. राजभाषा अधिनियम, 1963 की महत्वपूर्ण धाराएँ
संविधान द्वारा निर्धारित 15 वर्ष की अवधि (26 जनवरी, 1965) के बाद भी अंग्रेजी का प्रयोग जारी रखने के लिए संसद द्वारा राजभाषा अधिनियम, 1963 पारित किया गया। इस अधिनियम में कुल 9 धाराएँ हैं, जिनमें से निम्नलिखित परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण हैं:
* धारा 3: इसके तहत संघ के उन सरकारी कार्यों के लिए अंग्रेजी के निरंतर प्रयोग की अनुमति दी गई है जिनके लिए 1965 से पहले इसका प्रयोग हो रहा था।
* धारा 3(3): 14 विशिष्ट सरकारी दस्तावेजों के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों का अनिवार्य प्रयोग।
* धारा 3(5): यह सुनिश्चित करती है कि अंग्रेजी का प्रयोग तब तक समाप्त नहीं किया जाएगा जब तक कि सभी अहिंदी भाषी राज्यों की विधानसभाएं इसे समाप्त करने का प्रस्ताव पारित न कर दें।
* धारा 4: संसदीय राजभाषा समिति का गठन और उसका कार्यक्षेत्र।
* धारा 6 और 7: अधिनियमों के प्राधिकृत हिंदी अनुवाद और उच्च न्यायालयों के निर्णयों में हिंदी/क्षेत्रीय भाषाओं के उपयोग से संबंधित प्रावधान।
3. राजभाषा नियम, 1976 के 12 सबसे महत्वपूर्ण नियम
राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 8 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करके गृह मंत्रालय द्वारा राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग) नियम, 1976 बनाए गए। ये नियम जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरे भारत में लागू होते हैं (वर्तमान में प्रशासनिक रूप से वहाँ भी लागू हैं)।
इसमें कुल 12 नियम हैं, जिन्हें कंठस्थ करना एक राजभाषा अधिकारी के लिए आवश्यक है:
- नियम 1: संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।
- नियम 2: परिभाषाएं (क, ख, ग क्षेत्रों का वर्गीकरण)।
- नियम 3: राज्यों और केंद्रीय कार्यालयों के बीच पत्राचार।
- नियम 4: केंद्रीय सरकार के कार्यालयों के बीच पत्राचार।
- नियम 5: हिंदी में प्राप्त पत्रों के उत्तर अनिवार्य रूप से हिंदी में देना।
- नियम 6: धारा 3(3) के दस्तावेजों का अनुपालन (दोनों भाषाओं का प्रयोग)।
- नियम 7: आवेदन, अभ्यावेदन और अपील (कर्मचारी किसी भी भाषा में कर सकते हैं)।
- नियम 8: फाइलों में नोटिंग लिखना (टिप्पणियाँ लिखने की स्वतंत्रता)।
- नियम 9: हिंदी में कार्यसाधक ज्ञान की परिभाषा।
- नियम 10: हिंदी में प्रवीणता की परिभाषा और अधिसूचित करना (10(4))।
- नियम 11: मैनुअल, कोड, फॉर्म और नामपट्ट का द्विभाषी होना।
- नियम 12: कार्यालय प्रमुख (Head of Office) का प्रशासनिक उत्तरदायित्व।
4. ऐतिहासिक राष्ट्रपति आदेश (1960) और राजभाषा संकल्प (1968)
संविधान और नियमों के अलावा, दो ऐतिहासिक दस्तावेजों ने राजभाषा नीति को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई:
1. राष्ट्रपति का आदेश, 1960 (27 अप्रैल 1960):
* प्रथम राजभाषा आयोग और पंत समिति की सिफारिशों के आधार पर राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा जारी किया गया।
* इसके तहत 45 वर्ष से कम आयु के कर्मचारियों के लिए हिंदी प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया।
* वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली आयोग (CSTT) के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ।
2. राजभाषा संकल्प, 1968 (Official Languages Resolution, 1968):
* संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया।
* इसका मुख्य उद्देश्य त्रिभाषा सूत्र (Three-language formula) का प्रचार करना और केंद्रीय सेवाओं में भर्ती के समय भाषाई असमानता को दूर करना था।
* सरकार के लिए प्रतिवर्ष एक वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट (Annual Assessment Report) संसद के समक्ष रखना अनिवार्य किया गया।
5. राजभाषा अनुच्छेदों और नियमों को याद रखने की जादुई शॉर्ट ट्रिक्स
इन सभी अनुच्छेदों को परीक्षाओं के लिए याद रखने के लिए कुछ बेहतरीन शार्ट ट्रिक्स निम्नलिखित हैं:
“43 में राजभाषा हिंदी आई, लिपि देवनागरी संग ले आई।
44 में आयोग बना महान, जिसने समीक्षा का किया काम।
45 में राज्यों की भाषा, 46-47 ने पत्राचार को साधा।
48 में सुप्रीम कोर्ट की अंग्रेजी बोली, 49 ने कानून की भाषा खोली।
50 में शिकायत की भाषा न्यारी, 51 ने हिंदी विकास की जिम्मेदारी स्वीकारी।”
- नियम 5 (Rule 5): ‘पाँच’ उंगलियों से ‘पत्र’ का उत्तर देना (हिंदी का उत्तर हिंदी में)।
- नियम 6 (Rule 6): ‘छह’ (6) अर्थात ‘छपेगा द्विभाषी’ (धारा 3(3) के दस्तावेज)।
- नियम 8 (Rule 8): ‘आठ’ (8) अर्थात ‘लिखेगा ठाठ’ से (फाइलों में नोटिंग लिखने की स्वतंत्रता)।
- नियम 12 (Rule 12): ‘बाहर’ (12) का बॉस अर्थात ‘कार्यालय प्रमुख का उत्तरदायित्व’।
6. निष्कर्ष
राजभाषा अधिकारी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने की कुंजी इन अधिनियमों, नियमों और संवैधानिक प्रावधानों का गहन ज्ञान होना है। केवल रटने के बजाय यदि आप इन प्रावधानों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और व्यावहारिक अनुप्रयोग को समझेंगे, तो परीक्षा के साथ-साथ आपके सेवा काल के दौरान भी ये नियम बहुत उपयोगी साबित होंगे। यह मार्गदर्शिका इन महत्वपूर्ण तथ्यों को आपके मन मस्तिष्क में स्थापित करने में सहायक होगी।
7. राजभाषा नियमों और अधिनियमों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
Q1. संविधान के किस भाग में राजभाषा से संबंधित प्रावधान हैं?
संविधान के भाग 17 (अनुच्छेद 343 से 351) में राजभाषा का विस्तृत विवरण है। इसके अतिरिक्त भाग 5 (अनुच्छेद 120) और भाग 6 (अनुच्छेद 210) में भी भाषाई प्रावधान हैं।
Q2. राजभाषा अधिनियम कब पारित हुआ और इसमें कुल कितनी धाराएँ हैं?
राजभाषा अधिनियम वर्ष 1963 में पारित हुआ था। इसमें कुल 9 धाराएँ हैं।
Q3. राजभाषा नियम, 1976 किस राज्य पर लागू नहीं होते हैं?
राजभाषा नियम, 1976 मूल रूप से तमिलनाडु राज्य पर लागू नहीं होते हैं, क्योंकि उस राज्य ने इस पर असहमति जताई थी।
Q4. राजभाषा नियम 10(4) का क्या महत्व है?
राजभाषा नियम 10(4) के तहत, जब किसी कार्यालय के 80% या उससे अधिक कर्मचारियों को हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान हो जाता है, तो उस कार्यालय को भारत के राजपत्र (Gazette) में अधिसूचित किया जाता है।
Q5. किस अनुच्छेद के तहत सुप्रीम कोर्ट की भाषा अंग्रेजी निर्धारित की गई है?
संविधान के अनुच्छेद 348 के तहत यह निर्धारित है कि जब तक संसद कोई नया कानून न बनाए, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की भाषा अंग्रेजी होगी।
Q6. राजभाषा संकल्प, 1968 संसद द्वारा कब पारित किया गया था?
यह संकल्प संसद के दोनों सदनों द्वारा 18 जनवरी 1968 को पारित किया गया था।
Q7. पत्राचार के दृष्टिकोण से राज्यों को किन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है?
राजभाषा नियम 2 के अनुसार राज्यों को तीन क्षेत्रों: ‘क’ (Region A), ‘ख’ (Region B) और ‘ग’ (Region C) में विभाजित किया गया है।
Q8. हिंदी दिवस कब मनाया जाता है और क्यों?
प्रतिवर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था।
Q9. राजभाषा नियमों का उल्लंघन होने पर नियम 12 के तहत कौन जिम्मेदार है?
इसके लिए संबंधित कार्यालय का कार्यालय प्रमुख (Head of the Office) प्रशासनिक रूप से उत्तरदायी होता है।
Q10. अनुच्छेद 351 का क्या संदेश है?
यह संघ को यह निर्देश देता है कि वह हिंदी भाषा का विकास और प्रचार-प्रसार करे ताकि वह भारत की मिश्रित संस्कृति के सभी तत्वों को व्यक्त कर सके।
